Unlock Complete Judiciary Test Series

Subscribe now for full access to all premium judiciary questions.

Question 1
MOST EXPECTED
एक साक्षी जो न्यायालय के समक्ष मत प्रकट करता है कि दूसरा साक्षी विश्वसनीय का अपात्र है-
  1. तो उससे प्रतिपरीक्षा में इसके कारणों को पूछा जा सकेगा
  2. अपने उत्तर में वह जो कारण बताता है, उनका खण्डन किया जा सकेगा
  3. चाहे उन कारणों का उत्तर मिथ्या भी है, तो मिथ्या साक्ष्य देने के लिये उसका अभियोजन नहीं किया जा सकेगा
  4. तो उसे मुख्य परीक्षा में अपने विश्वास के कारणों को बताना होगा
Question 2
MOST EXPECTED
a पर b की हत्या का अभियोग है| c कहता है कि b ने मरणासन्न अवस्था में कहा था, कि a ने b पर यह घाव किया जिससे वह मरा| यह बताने के लिये साक्ष्य दिया जाता है कि पहले एक अवसर पर c ने कहा था कि यह घाव न तो a ने किया न ही उसकी उपस्थिति में किया गया-
  1. साक्ष्य ग्राह्रा है
  2. साक्ष्य, ग्राह्रा नहीं है क्योंकि इस का अर्थ होगा पूर्व कथन का खंडन करना
  3. यह साक्ष्य ग्राह्रा नहीं है
  4. साक्ष्य, जो साक्षी की विश्वसनीयता पर शंका उत्पन्न करे, ग्राह्रा नहीं है
Question 3
MOST EXPECTED
X एक डकैती के मामले का पंच-गवाह, पंचनामे का प्रयोग करके अपनी स्मृति ताजा करता है| पंचनामा साक्ष्य में ग्राह्रा नहीं है| क्या X पंचनामे का प्रयोग करके अपनी स्मृति ताजा कर सकता है?
  1. X पंचनामे का प्रयोग नहीं कर सकता है
  2. X पंचनामे का प्रयोग कर सकता है
  3. X प्रयोग तभी कर सकेगा जब वह स्वयं अभियुक्त हो
  4. क्योंकि वह साक्ष्य में ग्राह्रय नहीं किया गया है| X प्रयोग नहीं कर सकता क्योंकि पंचनामा उसने नहीं लिखा है
Question 4
MOST EXPECTED
निम्न में से कौन-सा वक्तव्य विधि अनुसार सही है?
  1. न्यायालय किसी पक्षकार को अपने ही साक्षी से ऐसे प्रश्न करने की अनुज्ञा दे सकता है, जो प्रतिपक्षी द्वारा प्रतिपरीक्षा में किया जा सकता है
  2. किसी साक्षी की प्रतिपरीक्षा में सूचक प्रश्न पूछा जा सकता है
  3. सह-अपराधी, अभियुक्त व्यक्ति के विरुद्ध सक्षम साक्षी होगा
  4. उपरोक्त सभी
Question 5
MOST EXPECTED
जबकि कोई पक्षकार ऐसे किसी दस्तावेज को पेश करने से इंकार करता है जिसे पेश करने की उसे सूचना मिल चुकी है:
  1. विरोधी पक्षकार या न्यायालय की अनुमति के बिना साक्ष्य के रूप में प्रयोग नहीं कर सकता
  2. दस्तावेज स्वीकृत दस्तावेज माना जायेगा
  3. न्यायालय की अनुमति आवश्यक नहीं है
  4. विरोधी पक्षकार की आपत्ति निरर्थक है