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Question 1
MOST EXPECTED
ठ इन्दौर में एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक अभियोजन साक्षी था | न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने पर उसे साक्षी के रूप में शपथ दिलाई गई, मजिस्ट्रेट उसके बाद अन्य मामले में साक्ष्य लेने में व्यस्त हो गए अत: उन्होंने साक्षी को निर्देश दिया कि वह अपने निष्पादन लिपिक के पास जाए वहाँ लिपिक द्वारा उसका परीक्षण हुआ उसके द्वारा लिपिक को दिए गए उत्तरों में से कतिपय कथन मिथ्या थे | ठ द्वारा कौन सा अपराध किया गया ?
  1. मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध
  2. मिथ्या कथन करने का अपराध
  3. गलत जानकारी देना
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं
Question 2
MOST EXPECTED
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त को भा.द.सं. की धारा 325 में पांच वर्ष के कारावास एवं दस हजार रुपया के जुर्माने से दण्डित किया | भा.द.सं. की धारा 325 में अधिकतम कारावास सात वर्ष है | मजिस्ट्रेट अभियुक्त को जुर्माने के संदाय में व्यतिक्रम करने पर अधिकतम कारावास दे सकता है :
  1. पन्द्रह माह
  2. इक्कीस माह
  3. बारह माह
  4. तीस माह
Question 3
MOST EXPECTED
अनेक व्यक्तियों के जीवन की रक्षा के लिये किसी एक की हत्या करने की अनुमति आवश्यकता के आधार पर नहीं दी जा सकती है | यह सिद्धान्त जिसका भारत में अनुसरण किया जाता है, सबसे पहले क्वीन्स् बेन्च डिवीजन ने निम्नलिखित मामले में प्रतिपादित किया था-
  1. आर. बनाम मूरे
  2. आर. बनाम डउले तथा स्टीफेन्स
  3. आर. बनाम डेविस
  4. आर. बनाम मेकफर्सन
Question 4
MOST EXPECTED
यदि 'Actus non facit reum nisi mens sit rea' आपराधिक विधि का मुख्य सिद्धांत है तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उपरोक्त सिद्धांत को सही ढंग से परावर्तित करता है :
  1. Mens rea' अपराध का आवश्यक तत्व है और Mens rea के बिना कोई अपराध नहीं हो सकता है
  2. भारतीय विधि के अंतर्गत आपराधिक दायित्व में 'Mens rea' हमेशा अंतर्वलित रहता है
  3. अपराध घटित करने के लिये 'actus reus' और 'mens rea' होना चाहिये
  4. अपराध को गठित करने के लिये 'actus reus' हमेशा आवश्यक नहीं होता है
Question 5
MOST EXPECTED
गलत उत्तर बताइए - कॉमन लॉ में दुराशय के सिद्धांत के निम्नलिखित मान्य अपवाद हैं :
  1. वैयक्तिक उपताप
  2. आपराधिक अपमान लेख
  3. पब्लिक उपताप
  4. न्यायालय की अवमानना